समग्र विचार मंच
विचार, व्यक्ति के व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति होते हैं. इन्हीं से पहचान होती है. विचार, व्यक्ति के चिंतन-मनन और मंथन से छाछ बनकर प्रकट होते हैं. समुद्र-मंथन से शिव ने अमृत निकाला. अमृत देवताओं ने पिया किन्तु विष को खुद शिव ने पी लिया. इसीलिये वह नीलकंठ कहलाये. शिव बनने के लिये समुद्र-मंथन ज़रूरी है. क्या हम सब इस प्रतीक को समझते हैं? आइये! समग्र विचार मंच से जुड़कर इसका मर्म जानिए, अपने विचारों को साझा कीजिये. सदस्य बनिए और अपने विचार-प्रधान-लेखों का ई-लेखन के माध्यम से पाठकों तक पहुँचने का प्रयास कीजिये. यह मंच आपका स्वागत करता है. प्रबंध संपादक/ sa...