संदेश

अक्टूबर, 2010 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

समग्र विचार मंच

चित्र
विचार, व्यक्ति के व्यक्तित्व की अभिव्यक्ति होते हैं. इन्हीं से पहचान होती है. विचार, व्यक्ति के चिंतन-मनन और मंथन से छाछ बनकर प्रकट होते हैं. समुद्र-मंथन से शिव ने अमृत निकाला.  अमृत देवताओं ने पिया किन्तु विष को खुद शिव ने पी लिया. इसीलिये वह नीलकंठ कहलाये. शिव बनने के लिये समुद्र-मंथन ज़रूरी है. क्या हम सब इस प्रतीक को समझते हैं? आइये! समग्र विचार मंच से जुड़कर इसका मर्म जानिए, अपने विचारों को साझा कीजिये. सदस्य बनिए और अपने विचार-प्रधान-लेखों का  ई-लेखन  के माध्यम से पाठकों तक पहुँचने का प्रयास  कीजिये.  यह मंच आपका स्वागत करता है.                                           प्रबंध संपादक/ sa...